दलित महिला के साथ 3 दरिदों ने किया गैंगरेप, प्राइवेट पार्ट में डाली बोतल, यह दलील दे पुलिस ने नहीं दर्ज की FIR


gang-rape of a woman wandering for the treatment of her ill husband in rampur
राजस्थान के नागौर जिले दरिंदगी से भरा एक खौफनाक मामला सामने आया है। नागौर में तीन दरिंदों ने एक दलित महिला के साथ पहले गैंगरेप किया, फिर दरिंदे यहीं नहीं रुके बल्कि एक बोतल को महिला के प्राइवेट पार्ट में डाल दिया। इस घटना के बाद पीड़िता लहूलुहान होने पर दर्द से कराहती रही। जुगत लगाकर महिला जैसे-तैसे घर पहुंची और अपने परिवार वालों को घटना के बारे में जानकारी दी। महिला के अनुसार, तीनों आरोपियों ने दुष्कर्म के बाद उसे धमकाया भी और जान से मारने की धमकी दी। धमकी के बीच परिजन दहशत में रहे, लेकिन परिवार ने अंतत: पुलिस में मामला दर्ज करा दिया। यहां ध्यान देने वाली बात है कि पुलिस ने पहले खूब आना-कानी की थी।

पुलिस ने घटना की जानकरी देते हुए बताया कि घटना परबतसर इलाके के गांगवा गांव की है। दर्ज की गई शिकायत के अनुसार, महिला बीते 19 जनवरी को पड़ोस के ही खेत में बने मकान में मट्ठा (छाछ) लेने गयी थी। पीड़िता ने बताया कि जब वह छाछ ले रही थी। तभी पास के खेतों में काम कर रहे तीन युवक उसके पास आए और जबरदस्ती करने लगे। उसने तीनों युवकों के चंगुल से भाग निकलने की भरसक कोशिश की लेकिन तब तक उन युवकों ने उसे दबोच लिया। इसके बाद तीनों ने उसके साथ कुकर्म किया। गैंगरेप के दौरान दरिंदे यहीं नहीं रुके, बल्कि उन्होंने एक बोतल को महिला के प्राइवेट पार्ट तक में डाल दिया।  

इस प्रकरण में थाना प्रभारी रूपाराम चौधरी ने बताया कि घटना की जानकारी डिप्टी एसपी मकराना सुरेश कुमार सामरिया को दे दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, महिला पड़ोसी पांचूराम जाट के खेत पर छाछ लेने गई थी। महिला को अकेली पाकर पांचूराम जाट व उसके साथी कानाराम जाट व श्रवण गुर्जर ने उसे डरा-धमकाकर दुष्कर्म किया। फिलहाल, तीनों आरोपी गांव से फरार हैं। उनकी तलाश की जा रही है।

इस मामले में चौंकाने वाली बात यह रही कि जब दहशत के बीच जी रहे परिवार के एक सदस्य ने हिम्मत करके तत्कालीन थाना प्रभारी को इस घटना की जानकारी तो थाना प्रभारी ने केस इसलिए नहीं दर्ज किया, क्योंकि उनका इस थाने से तबादला हो गया था। वहीं, पुलिस की लापरवाही की हद तो तब हो गई जब पुराने थाना प्रभारी के ट्रांसफर के बाद आए नए थाना प्रभारी ने भी परिवार की शिकायत के बाद मामला नहीं दर्ज किया।