हम भारतीय जबसे इंडियन हुए तबसे हमने अंग्रेजों की अच्छाइयां न सीखकर बुराइयां बहुत जल्दी और अधिक मात्रा में सीखी .चाय का चलन अंग्रेजों ने एक प्रकार के व्यवसाय के साथ आक्रामक तरीके से नशाखोर बनाने का षड्यंत किया और वे सफल भी हुए .चाय में कैफीन नमक उत्तेजक रसायन होता हैं जोहमारे मन मष्तिष्क को प्रभावित करता हैं .आज तो चाय के बिना जीवन नहीं हैं यह दशा हो चुकी हैं .वैसे हर सिक्के के दो पहलु होते हैं पर इंडिया में हर समय टी टाइम होता हैं .चाहे दिन के बारह बजे हो या रात के ,चाय की पहली पहल की जाती हैं .
चाय वैसे कई हिसाब से लाभकारी हैं ,बड़े बड़े काम ठंडी या गरम चाय से हल हो जाते हैं .कई लोग चाय में डोडा मिलाकर बनांते हैं जिससे उसके आदि कई मील चलकर वहां ही पहुँचते हैं .
बात सुबह बिस्तर पर लेटे लेटे चाय पीने का चलन शादी के कुछ महीने तक चलता हैं जब सुन्दर बीबी सुबह सुबह चाय के साथ प्यार का भी इज़हार करती हैं ,उसके बाद पतिदेव को ही मैडम के लिए चाय बनाना पड़ती हैं ,खैर ये सब वक़्त वक़्त की बात हैं .
बिस्तर पर मिलने वाली चाय को बेड टिया कहते हैं जो आगे चलकर बेड टी यानी ख़राब टी के रूप में जानी जाने लगी हैं ,यहाँ उलझन में न पड़े ,बेड टी ही ख़राब टी बन गयी हैं .
हेल्दी डायट लेने के बावजूद आपको सेहत से संबंधित कई समस्याएं दे सकती है बेड-टी इसलिए आपको पता होना चाहिए कि अपने दिन की अच्छी शुरुआत के लिए और स्वस्थ्य जीवन  के लिए आपको क्या करना चाहिए...
बेड-टी से दिन की शुरुआत करनेवाले लोगों को कुछ खास तरह की दिक्कतें अपनी सेहत को लेकर अक्सर होती रहती हैं। लेकिन उन्हें पता ही नहीं होता कि आखिर उनकी परेशानी की वजह क्या है... अगर आप भी पेट और पाचन संबंधी कुछ समस्याओं का सामना कर रहे हैं या अक्सर  उदासी करते हैं तो यहां जानें क्या हो सकती है आपकी समस्या की वजह...
एनर्जी नहीं उदासी बढ़ती है!
-आपको थोड़ा अजीब जरूर लग सकता है लेकिन अगर आप सुबह के समय खाली पेट चाय लेते हैं तो मिचली  आना , उनिंदापन, रोने की इच्छा होना और उदासी बढ़ने जैसी मानसिक समस्याएं होने लगती हैं।
-हालांकि आपको अभी तक यही पता होगा कि कैफीन हमें तुरंत एनर्जी देता है। लेकिन अगर आप सुबह के वक्त खाली पेट कैफीन लेंगे तो इससे तो इसके साइड इफेक्ट मानसिक समस्याओं के रूप में भी सामने आ सकते हैं।
पाचन तंत्र के  बैक्टीरिया को हानि
हमारे पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में आंत के बैक्टीरिया का बहुत बड़ा रोल होता है। ये ऐसे बैक्टीरिया हैं, जो सेहत को दुरुस्त रखने के लिए भोजन के पाचन और जरूरी एंजाइम्स के उत्पादन में सहायता करते हैं।
-लेकिन खाली पेट चाय पीने से इन्हें हानि पहुंचती है। साथ ही हमारे मुंह में बने अच्छे बैक्टीरिया भी चाय में मिली शुगर को तोड़ने में जुट जाते हैं, जिससे ओरल हेल्थ को हानि होती है। इससे मुंह से स्मेल आने की दिक्कत बढ़ जाती है।
पेशाब  अधिक आना
चाय के साथ दिन की शुरुआत करनेवाले लोगों को सबसे पहले समस्या यूरिन अधिक आने की होती है। इससे इनके शरीर में पानी की कमी होने लगती है। क्योंकि चाय में मौजूद कैफीन और दूसरे मूत्रल तत्व  शरीर से पानी के बाहर करने का काम करते हैं।
-इस कारण बार-बार प्यास लगना और बार-बार पेशाब  आने की समस्या अक्सर हो जाती है। इस कारण पेट भी ठीक से साफ नहीं होता। पेट में भारीपन और कड़ापन  की दिक्कत हो सकती है।
पेट साफ नहीं होता
-अगर आपको पेट ठीक से साफ ना होने की शिकायत रहती है तो इसका एक कारण आपकी बेड-टी लेने की आदत भी हो सकती है। क्योंकि दिन की शुरुआत चाय के साथ करने से पेट में एसिडिटी की समस्या हो जाती है।
-कैफीन से दिन की शुरुआत करना पाचन तंत्र को डिस्टर्ब करता है और चाय में बड़ी मात्रा में कैफीन होता है। खासतौर पर जिन लोगों को मोशन से जुड़ी दिक्कत होती है, उन्हें दिन की शुरुआत चाय के साथ नहीं करनी चाहिए!
इस सम्बन्ध में एक बात आसान भाषा में समझ लेना चाहिए .सुबह हमारे आमाशय में अम्ल यानी एसिड की अधिक्तता होती है और खाली पेट सुबह उठाकर चाय पीने से हमारे पेट में अम्लता बढ़ जाती हैं और यह आगे चलकर अम्लता की अधिकता हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होने लगती हैं .अंग्रेज कभी भी खाली पेट चाय नहीं पीते पर हम इंडियन अपनी प्रतिष्ठा और रौब दर्शाने बिस्तर ही चाय पीना अपनी अहमियत प्रदर्शित करते हैं!
आजकल ग्रीन टी ,हर्बल टी और आयुर्वेद टी या काढ़ा का उपयोग प्रचुर मात्रा में होने लगा हैं!
वैसे खान पान ,पहनावा ,प्रार्थना अपनी निजता की बात हैं पर जो हम कर रहे हैं वह हमारे लिए लाभकारी हैं या नहीं ,इसे समझकर उपयोग करे!