नगर निकाय चुनाव से पहले बीजेपी ने बागियों को लगाया किनारे, निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले 10 प्रत्याशियों को किया 6 साल के लिए निष्कासित

राजस्थान के अजमेर नगर निगम चुनाव में मतदान से पहले भाजपा ने बागियों को किनारे लगा दिया दिया है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने अजमेर उत्तर विधायक वासुदेव देवनानी की शिकायत के बाद विभिन्न वार्डों से बागी उम्मीदवार के तौर पर खड़े हुए उम्मीदवारों को पार्टी से 6 साल के निष्कासित कर दिया है।

गौरतलब है कि नगर निगम चुनाव के टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों में जमकर खींचातानी हुई थी। साथ ही यह भी माना जा रहा था कि, दोनों पार्टियों में टिकट वितरण के साथ बगावत तय है और हुआ भी कुछ वैसा ही। हालांकि, पहले भाजपा ने अपने खेमे में हुई बगावत को गंभीरता से लिया था और बागियों को पार्टी में जोड़कर रखने की भरपूर कोशिश भी की गई। साथ ही नाम वापस न लेने वाले वालो को जनवरी तक भाजपा के उम्मीदवार के समर्थन में आने का मौका भी दिया था।

इसके बाद भी कई बागियों ने मैदान नहीं छोड़ा। वहीं,  कुल 10 बागियों के कारण भाजपा उम्मीदवारों के लिए मुश्किल बढ़ गई हैं। ऐसे में अजमेर उत्तर विधायक वासुदेव देवनानी ने इन सभी की शिकायत प्रदेश नेतृत्व को की थी।

छह साल के लिए निष्कासित हुए बागियों में वार्ड नंबर 5 से नीतराज कच्छावा, वार्ड नंबर 6 से कुंदन वैष्णव, वार्ड नंबर 14 से गोपाल सिंह चौहान, डिंपल हान और प्रदीप अजमेरा, वार्ड नंबर 15 से मनोज मूरजानी, वार्ड नंबर 67 से इंदु राठी, वार्ड नंबर 70 से पुष्पेंद्र गौड़, वार्ड नंबर 76 से सुरेश माथुर और वार्ड नंबर 80 से प्रेमलता बुगलिया शामिल है।