नई दिल्ली  । एक तरफ जहां तीनों कृषि कानूनों की वापसी की मांग पर अड़े किसान आंदोलनकारियों का दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलन लगातार 87वें दिन भी जारी रहा, वहीं दूसरी तरफ भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने सनसनीखेज बयान देकर सत्ताधारी भाजपा की नींद उड़ा दी है। टिकैत ने कहा कि भाजपा सहित एनडीए के 100 से ज्यादा सांसद कभी भी एक साथ टूट सकते हैं, जिसकी शुरुआत होने वाली है।
गौरतलब है कि कृषि कानून के विरोध में धरना दे रहे किसानों के समर्थन में कई राजनीतिक पार्टियां सरकार के खिलाफ मैदान में कूद गई है। वहीं पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तरप्रदेश सहित कई प्रदेशों के भाजपा सहित एनडीए के नेता भी किसानों का अंदरूनी समर्थन दे रहे हैं। टिकैत का दावा है कि जल्द ही एनडीए के सांसदों के इस्तीफे शुरू होंगे।
पंजाब में किसान पिता-पुत्र ने आत्महत्या की
उधर, कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन के बीच किसानों के आत्महत्या करने का सिलसिला रुक नहीं रहा। पंजाब के एक किसान परिवार में पिता-पुत्र ने शुक्रवार को सुसाइड कर लिया। शनिवार को सामने आया यह मामला होशियारपुर जिले के मुहद्दीपुर गांव का है। जो सुसाइड नोट मिला है, उसमें मोदी सरकार के साथ-साथ पंजाब की अमरिंदर सरकार को भी जिम्मेदार ठहराया गया है। मृतकों की पहचान नंबरदार जगतार सिंह और उनके बेटे कृपाल सिंह के रूप में हुई है। इनके परिजन की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और सुसाइड नोट बरामद किया। इसमें लिखा है, मोदी सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है। कृषि कानूनों ने किसानों को बर्बाद कर दिया है। मोदी सरकार उनकी एक बात नहीं सुन रही। कैप्टन सरकार ने भी हमारा कर्ज माफ नहीं किया है। हम तंग आ गए हैं, अब जीना नहीं चाहते। इसलिए हम खुदकुशी कर रहे हैं।
प्रियंका गांधी ने कहा-पीएम मोदी अहंकारी राजा की तरह
तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने शनिवार को मुजफ्फरनगर में किसान महापंचायत को संबोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अहंकारी राजा बताया। कहा - सरकार कृषि कानून वापस न लेकर किसानों का अपमान कर रही है। इनसे एमएसपी और मंडियां खत्म हो जाएंगी। प्रियंका ने कहा- किसान आंदोलन को देश ही नहीं, पूरी दुनिया देख रही है। कभी-कभी लगता है कि हमारे प्रधानमंत्री ऐसे हो गए हैं जैसे एक अहंकारी राजा थे। वे अपने महल से बाहर नहीं निकलते थे। लोग उनसे डरते थे, इसलिए उनके सामने बड़ी-बड़ी बातें कहने लगे। इससे राजा का अहंकार बढ़ता गया। उस अहंकारी राजा की तरह हमारे प्रधानमंत्री काम कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा- 90 दिन से लाखों किसान शांति से बैठकर संघर्ष कर रहे हैं, 215 किसान शहीद हुए। दिल्ली के बॉर्डर को ऐसा बना दिया गया है जैसे देश की सीमा हो। किसानों को देशद्रोही, आतंकवादी, परजीवी और आंदोलनजीवी कहा गया। मेरा मानना है कि किसान हमारे देश का हृदय हैं। हर नेता को इस बात का अहसास होना चाहिए कि जनता उस पर अहसान करती है। मुझे इसका पूरा अहसास है। दिल्ली बॉर्डर पर प्रदर्शन करने वाले किसानों का अपमान किया गया। जो किसान अपने बेटों को देश की सुरक्षा के लिए सीमा पर भेजता है उन्हें अपमानित किया गया।