कोटा. कोरोनाकाल (COVID-19) ने कइयों की जिंदगी बदल दी और आर्थिक समस्याओं का पहाड़ खड़ा कर दिया. ये बदलाव एक चाय बेचने वाले में भी दिखा. जो व्यक्ति ट्रेनों में दिनभर चाय बेचकर अपने परिवार के लोगों का पेट भरता था, उसे ट्रेनों का संचालन बंद होने के बाद मादक पदार्थों (Drugs) की तस्करी तक करनी पड़ गई. ओडिशा (Odisha) से 20 किलो गांजा लाकर राजस्थान के कोटा में खपाने के आरोपी से जब पूछताछ की गई तो उसने कुछ इसी तरह अपने इस धंधे में उतरने की मजबूरी बयां की. आरोपी ने कबूल किया कि वह ट्रेनों और स्टेशन पर चाय बेचने का काम करता था. लेकिन कोरोना संक्रमण के दौरान ट्रेनों का संचालन बंद हो गया. इससे वह बेरोजगार हो गया. उसके पास कोई काम नहीं था. इसी बीच वह नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े लोगों के सम्पर्क में आ गया. सालभर में जितना कमाता था, उससे ज्यादा एक राउण्ड में ही मिलने लगा. वह कोटा से गांजा लेने के लिए दिल्ली तक बस में जाता और दिल्ली से ओडिशा फ्लाइट से जाता था, ताकि कम समय लगे और जल्दी माल लेकर कोटा आ सके.

दिल्ली से ओडिशा फ्लाइट में जाता था आरोपी

पुलिस उपाधीक्षक भगवतसिंह हिंगड़ ने बताया कि नाकाबंदी के दौरान रेलवे कॉलोनी पुलिस ने दीपक जैन को पकड़ा था. उसके कब्जे से 20 किलो 300 ग्राम मादक पदार्थ गांजा बरामद किया था. आरोपी जो बातें बता रहा है उसकी तस्दीक की जाएगी. आरोपी ने कबूला कि कोटा में गांजे की डिलीवरी जल्दी देनी होती थी, इसलिए वह दिल्ली से ओडिशा के लिए फ्लाइट से जाता था. गांजा लेकर बस से आया. आरोपी का कहना था कि गांजा लेकर भी फ्लाइट से आने की योजना थी, लेकिन एयरपोर्ट पर चैकिंग के दौरान पकड़ में आने के डर से उसने बस से आना तय किया. उसके कब्जे से फ्लाइट के टिकट भी मिले हैं. पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में पकड़े गए तस्कर ने कहा कि वह ट्रेनों में चाय और कचौरी बेचने का काम करता था, लॉकडाउन में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ गया. आरोपी दीपक जैन के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया है. आरोपी से ओडिशा में तस्दीक करवाकर तलाश की जाएगी. पुलिस ने आठ दिन का रिमाण्ड प्राप्त किया है. आरोपी दीपक मूलत: मोड़क मैन चौराहा निवासी है.