नई दिल्ली।  डॉ रेड्डीज लेबोरेटरीज लिमिटेड को कोविड-19 के रूस में बने टीके स्पूतनिक वी का भारत में तीसरे चरण का परीक्षण करने के लिए ड्रग्स कंट्रोल जनरल ऑफ इंडिया (डीजीसीआई) की मंजूरी मिल गई है। कंपनी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इस सप्ताह की शुरुआत में डेटा और सुरक्षा निगरानी बोर्ड (डीएसएमबी) ने वैक्सीन के दूसरे चरण के क्लिनकिल ​​परीक्षण के नतीजों की समीक्षा करने के बाद तीसरे चरण का परीक्षण करने की सिफारिश की थी। 

डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज के सह-अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक जी वी प्रसाद ने अपने बयान में कहा, यह वैक्सीन के इस महत्वपूर्ण नैदानिक ​​परीक्षण की प्रगति में एक नया मील का पत्थर पार किया है। उम्मीद है कि हम इस महीने के भीतर तीसरे चरण का परीक्षण शुरू करेंगे और भारतीय आबादी के लिए एक सुरक्षित व प्रभावकारी टीका लाने किए जा रहे अपने प्रयासों को जारी रखेंगे।
रूस के स्पुतनिक वी वैक्सीन नैदानिक ​​परीक्षणों से डेटा के अंतिम विश्लेषण के आधार पर 91.4% प्रभावी पाई गई है। वर्तमान में संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र, वेनेजुएला और बेलारूस में वैक्सीन के नैदानिक ​​परीक्षण चल रहे हैं, जबकि अल्जीरिया, अर्जेंटीना, बेलारूस, बोलीविया और सर्बिया में स्पुतनिक वी टीकाकरण के लिए लोगों का पंजीकरण किया जा चुका है। 

स्पुतनिक वी-वैक्सीन डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज लिमिटेड द्वारा रूस में तैयार की गई है। वैक्सीन ट्रायल के लिए फरीदाबाद में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज को चुना गया है। यहां तकनीकी स्टाफ और विशेषज्ञ डॉक्टर काफी संख्या में है। हालांकि, यह वैक्सीन स्वस्थ लोगों को लगाई जाएगी या कोरोना संक्रमित मरीजों को, कॉलेज प्रबंधन की ओर से यह अभी स्पष्ट नहीं किया गया है।

आपको बता दें कि भारत में दो-दो वैक्सीन के साथ आज टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो चुकी है। कई अन्य वैक्सीन के परीक्षण का काम जारी है। उम्मीद है कि जल्द ही कुछ और वैक्सीन को मंजूरी मिल जाएगी।