मुंबई। महाराष्ट्र में कोरोना वायरस का प्रकोप जारी है. राज्य में एक्टिव मामले करीब 29 फीसदी तक बढ़ गए हैं. वहीं, अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मुंबई के लिए अगले 15 दिन काफी महत्वपूर्ण होंगे. मुंबई मनपा प्रशासन लगातार शहर में सख्ती कर रहा है. उधर नागपुर में पाबंदियों का दौर वापस आ गया है. यहां होटलों को 50 प्रतिशत क्षमता से चलाने की अनुमति मिली है. जबकि अंतिम संस्कार में 20 से ज्यादा लोगों के जुटने पर पाबंदी लगा दी गई है. राज्य सरकार के डेटा के अनुसार, 12 फरवरी को महाराष्ट्र में 31 हजार 479 एक्टिव मामले थे. ये आंकड़ा बीते गुरुवार को बढ़कर 43 हजार 701 पर पहुंच गया है. मुंबई में कोविड मामलों में 37 फीसदी का इजाफा हुआ है. शुक्रवार को शहर में 823 नए मरीज मिले हैं. यह आंकड़ा दिसंबर के बाद सबसे ज्यादा है. शहर में अब तक कोरोना वायरस के 3 लाख 17 हजार 310 मरीज मिल चुके हैं. वहीं, 11 हजार 435 मरीजों ने अपनी जान गंवा दी है. मनपा के अतिरिक्त आयुक्त सुरेश ककानी का कहना है कि 'हम अनुमान लगा रहे हैं कि अगले 15 दिनों में मामले बढ़ेंगे. इसलिए शहर में कोविड-19 मामलों में बढ़त का पता लगाने के लिए अगले दो हफ्ते काफी जरूरी होंगे.' दरअसल मुंबई में बीते दो दिनों में 700 से ज्यादा मामले सामने आए हैं. जबकि, हफ्ते की शुरुआत में यह आंकड़ा 500 के नीचे था. एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी के अनुसार बीते हफ्तों में राज्य के कुछ इलाकों में तापमान में गिरावट होने से मामलों में इजाफे का कारण हो सकता है. साथ ही सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने के चलते भी मामले में उछाल देखा जा रहा है. अधिकारियों ने जानकारी दी है कि शुरुआती जीनोम सीक्वेंसिंग से पता चला है कि महाराष्ट्र के अमरावती और यवतमाल जिलों में सार्स-कोव-2 के दो म्यूटेटेड वैरिएंट्स तेजी से फैल रहे हैं. मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि एक ही परिवारों के कई मरीज संक्रमित हो रहे हैं, लेकिन वे सहायता करने से मना कर रहे हैं. कई मामलों में मरीज के गलत पता देने के चलते परेशानी हो रही है.