दिल्ली, कोरोना वायरस महामारी के बीच वैष्णो देवी माता का दरबार भक्तों के लिए 16 अगस्त से खोल दिया गया है। अब श्रद्धालु मां के दर्शन हेतु माता के दरबार पहुंच सकते हैं। इस बीच श्रद्धालुओं के लिए एक और बड़ी खुशखबरी आई है कि 2023 से श्रद्धालु दिल्ली से कटरा सड़क के रास्ते महज साढ़े छह घंटे में पहुंच सकते हैं। इस बात की जानकारी स्वंय केंद्रीय मंत्री जिंतेंद्र सिंह ने दी है। इसके लिए उन्होंने सोशल मीडिया ट्विटर पर एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें कुछ कामगार लोग कच्ची सड़क पर काम करते नजर आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि फ़िलहाल श्रद्धालुओं को 12 घंटे से अधिक का समय लगता है, लेकिन दिल्ली-कटरा सड़क गलियारा बनने से दिल्ली से माता के दरबार की दूरी साढ़े छह घंटे की होगी। इसके लिए प्रस्ताव पास कर दिया गया है और काम भी शरू हो गया है। जबकि यह परियोजना 2023 में पूरा हो जाएगा। इसके बाद श्रद्धालु सड़क के रास्ते साढ़े छह घंटे में कटरा पहुंच जाएंगे।

खबरों की मानें तो एक बार सड़क निर्माण के बाद श्रद्धालुओं सहित व्यपारियों के लिए भी यह मार्ग यात्रा समयावधि के लिए यात्रा का कारण बन जाएगा। इसके लिए दिल्ली कटरा सड़क मार्ग पर सभी सुविधाओं की व्यवस्था का प्रबंध किया जाएगा। कटरा- दिल्ली एक्सप्रेस रोड कॉरिडोर के प्रमुख तथ्य

-यह कॉरिडोर तीर्थ नगरी अमृतसर को भी जोड़ेगा।

-श्रद्धालु स्वर्ण मंदिर के भी दर्शन कर सकेंगे।

-इसके साथ ही यह कॉरिडोर कई अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों से होकर गुजरेगा।

-केंद्रीय मंत्री जिंतेंद्र सिंह के अनुसार, दिल्ली-कटरा रोड कॉरिडोर की लागत 35000 करोड़ से अधिक हो सकती है। -दिल्ली-कटरा रोड कॉरिडोर जम्मू और कठुआ के साथ-साथ पंजाब के अमृतसर, जालंधर, कपूरथला और लुधियाना से होकर गुजरेगा।

-वर्तमान में माता दरबार पहुंचने के लिए रेल और हवाई सेवाएं हैं। हालांकि, निजी बसें भी चल रही हैं, लेकिन उससे कटरा पहुंचने में 15 घंटे से अधिक समय लगता है।