आगरा। उत्तर प्रदेश बोर्ड ने आगरा जिले के 10 इंटर कॉलेजों को डिबार कर दिया है। अपात्र व्यक्तिगत छात्रों के परीक्षा फॉर्म बोर्ड को भेजने के मामले में ये कार्रवाई की गई है। इसके तहत अब 9 कॉलेजों को 10 साल और नकल के मामले में एक कॉलेज को 3 साल के लिए डिबार कर दिया गया है। अब इन कॉलेजों को तय अवधि तक परीक्षा केन्द्र नहीं बनाया जा सकेगा। यूपी बोर्ड ने 2017 में इन 9 कॉलेजों को व्यक्तिगत छात्रों के फॉर्म के लिए अग्रसारण केंद्र बनाया गया था। इन कॉलेजों को सभी के फॉर्म का सही से सत्यापन करके अपात्र विद्यार्थियों को बाहर कर पात्र के परीक्षा फॉर्म बोर्ड को भेजने थे। लेकिन स्टाफ ने फॉर्म के सत्यापन में लापरवाही बरतते हुए व्यक्तिगत छात्रों के परीक्षा फॉर्म बोर्ड को भेज दिए।
  यूपी बोर्ड की जांच में अपात्र छात्र पकड़ में आ गए। इसके बाद बोर्ड ने इन कॉलेजों की जांच के निर्देश दिए। जांच में टीम को मामले में कॉलेज स्टाफ की लापरवाही मिली, इस पर बोर्ड ने कार्रवाई करते हुए 2027 तक परीक्षा केंद्र न बनाने का निर्णय लिया है। जेडी डॉ मुकेश अग्रवाल ने बताया कि बोर्ड ने सूची जारी कर दी है, इनको परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। एमएम शैरी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शहजादी मंडी,  किसान विद्यापीठ उच्च्तर माध्यमिक विद्यालय बमरौली कटारा, डीएवी इंटर कॉलेज मोती कटरा, एसएमएओ इंटर कॉलेज, श्री रफीक अहमद किदवई स्मारक इंटर कॉलेज कागारौल, श्री शंकरलाल रामराज्य इंटर कॉलेज लादूखेड़ा, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रिछोहा जगनेर, रोहता इंटर कॉलेज रोहता, नानिन राम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दुल्हारा को 10 साल के लिए डिबार किया गया है। नकल कराने के मामले में पकड़े गए संत आशाराम इंटर कॉलेज को 3 साल के लिए डिबार किया गया है।