बर्फीली हवा से ठिठुरी दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में बारिश के आसार

हिमपात वाले क्षेत्रों की ओर से आने वाली उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलते शुक्रवार के दिन दिल्ली के न्यूनतम और अधिकतम तापमान में तीन डिग्री की गिरावट आई। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से शनिवार से तापमान में इजाफा होने और बीस से पच्चीस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चलने के आसार हैं।

राजधानी दिल्ली के ज्यादातर हिस्सों मे सुबह के समय हल्का कोहरा छाया रहा। दिन निकलने के साथ ही कोहरा गायब हो गया लेकिन हवा के चलते मौसम में गलन बनी रही। दिन के ज्यादातर हिस्से में हवा की दिशा दक्षिण और पूर्वी हो गई है। लेकिन, गुरुवार के दिन और रात के समय हवा की दिशा उत्तर पश्चिमी थी और आसमान खुला था। इसके चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई। दिल्ली के सफदरजंग केन्द्र में दिन का अधिकतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया जो कि सामान्य से तीन डिग्री कम है। वहीं, न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस रहा जो कि सामान्य से तीन डिग्री कम है। दिल्ली के मयूर विहार क्षेत्र में दिन के समय सबसे ज्यादा ठंड का अहसास किया गया। यहां पर अधिकतम तापमान 14.7 डिग्री सेल्सियस रहा जो कि सामान्य से छह डिग्री कम रहा।

सुबह के समय कोहरा और तेज हवाएः
मौसम विभाग का अनुमान है कि शनिवार की सुबह दिल्ली के ज्यादातर हिस्से घने कोहरे में डूबे रह सकते हैं। जबकि, दिन के समय हवा की गति तेज रही। इस दौरान हवा की गति 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे तक की भी हो सकती है। इसके चलते खासतौर पर प्रदूषण की स्थिति से थोड़ी राहत मिल सकती है।

पश्चिमी विक्षोभ का खास असर नहीः
अगले दो दिनों दिनों के बीच उत्तर भारत पर एक पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव दिखेगा। इसके असर से उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमपात और बरसात होगी। जबकि, पंजाब और हरियाणा के भी कुछ हिस्सों में बरसात होगी। दिल्ली-एनसीआर में इसके चलते बारिश होने के आसार नहीं है। हालांकि, कुछ हिस्सों में बादल छाए रह सकते हैं। इसके चलते अगले दो दिनों में तापमान में हल्का इजाफा होगा। जबकि, पश्चिमी विक्षोभ का असर समाप्त हो जाने के बाद हवा की दिशा में बदलाव होगा और बर्फीली हवाओँ के चलते तापमान में गिरावट हो सकती है।

गंभीर श्रेणी में बारह जगहों की हवाः
राजधानी दिल्ली की बारह जगहों पर शुक्रवार के दिन वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के अंक के ऊपर यानी गंभीर श्रेणी में रहा। हालांकि, समग्र तौर पर वायु गुणवत्ता सूचकांक 364 यानी बेहद खराब श्रेणी में रहा। सफर का अनुमान है कि तेज हवाओँ के चलते अगले दो दिनों के बीच प्रदूषक कणों का छितराव तेज होगा और हवा थोड़ी साफ होगी।

सात दिन बाद पांच से नीचे आया पारा
दिल्ली में सात दिन बाद कड़ाके की सर्दी महसूस की गई। इससे पहले 14 जनवरी के दिन न्यूनतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इस दिन शीतलहर जैसी स्थिति थी। लेकिन, इसके बाद से ही न्यूनतम तापमान लगातार ही पांच डिग्री से ऊपर बना रहा। यहां तक कि 18 जनवरी की सुबह तो न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस तक रिकार्ड किया गया था। 14 जनवरी के बाद से अब जाकर दिल्ली का तापमान पांच डिग्री से नीचे पहुंचा है।