सर्दियों  में होंठों की नमी कहीं खो सी जाती है / आजकल  सर्दियाँ जोरों पर हैं और ऐसे में  ठण्डी शुष्क हवाओ का होंठों पर सीधा प्रभाव पड़ता है  जिसकी बजह से   होंठों में जलन , घाब ,चुभन   आदि    की समस्या आम समय के मुकाबले   कहीं  ज्यादा बढ़ जाती है /   फटे होंठ जहां चेहरे पर बदसूरती का अहसास कराते है वहीं दूसरी ओर शारीरिक पीड़ा का कारण बनते है/
शरीर के बाकि हिस्सों के मुकाबले हम  होंठों की त्वचा को ज्यादातर  खुला छोड़ देते हैं और ऐसे में  होंठ     हमेशा    मौसम   की मार सबसे ज्यादा झेलते हैं / दरअसल होंठों की त्वचा चेहरे की त्वचा से ज्यादा पतली और  कोमल ब नाज़ुक होती है / विशेषज्ञों का कहना है की हमारे होंठों की त्वचा चेहरे की त्वचा से दस गुणा तेजी से शुष्क होती है / होंठों की त्वचा  में  शरीर के बाकि हिस्सों के मुकाबले तैलीय ग्रन्थियां भी बिद्यमान नहीं होती/  हमारे   चेहरे  की त्वचा  में  सोलह    जीवकोशिए परतें बिद्यमान  होती हैं  जबकि हमारे होंठों में औसतन तीन से पांच जीवकोशिए परतें बिद्यमान होती हैं जिसकी  बजह से होंठों पर मौसम की सबसे ज्यादा मार पड़ती है / हालाँकि होंठों के फटने की समस्या  साल भर देखने में आती है लेकिन सर्दियों के  मौसम में बर्फीली  हवाओं के इलाबा  घर में हीटर , गर्म  उपकरणों , सेण्ट्रल हीटिंग आदि की बजह से बाताबरण में नमी में कमी आने की बजह से कहीं  ज्यादा गंभीर हो जाती है तथा इस मौसम में   होंठों का फटना आम हो जाता है / मौसम के इलाबा अगर आप जीवन शैली जैसे  शुगर , ब्लड प्रेशर ,आदि  रोगों से पीड़ित हैं तो भी होंठों के फटने की समस्या से दो चार हो सकते हैं / 
लेकिन सवाल यह है की सर्दियों में इस समस्या से कैसे निपटा जाये / अगर आप गम्भीर समस्या से जूझ रहे हैं तो किसी डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें अन्यथा आप घरेलू उपचार मात्र से ही फटे होंठों की समस्या  पर आसानी से काबू पा सकते हैं /-
मौसम कोई भी हो , होंठों को मुलायम और कोमल बनाये रखने के लिए आप दिन में आठ से दस गिलास  शुद्ध ताजा पानी पियें  ताकि शरीर की नमी बरकरार रखी जा सके जिससे होंठों के फटने की समस्या से प्रकृतिक तौर पर  निपटा जा सके /रात को सोने से पहले होंठों पर शुद्ध आर्गेनिक  शहद लगा कर सुबह ताजे सामान्य पानी से धो डालें /  गुलाब जल और ग्लिसरीन को बराबर मात्रा में मिलकर बने मिश्रण को रात को होंठों पर लगा कर सुबह पानी से धो डालें  / इससे होंठ कोमल और मुलायम बने रहेंगे /
सर्दियों में फटे होंठों को रोकने के लिए होंठों को नियमित रूप से स्क्रब करना बहुत जरूरी माना जाता है क्योंकि होंठों की मृत कोशिकाओं को भी फटे होंठो का कारण माना जाता है / इसके लिए शहद और चीनी का स्क्रब उपयोग करें /  
गाय  का घी गर्म करके इसे ऊँगली पर लगा कर होंठों की हल्की हल्की मसाज कीजिये / इससे होंठों पर रक्त संचार बढ़ेगा और आप के होंठ गुलाबी , मुलायम बनेंगे / सुबह नहाने के बाद और 
रात हो सोने से पहले नाभि पर सरसों का तेल लगाने से फटे होंठों की समस्या से राहत मिलेगी / गुलाब की पत्तियां पीस पर उसमें मलाई मिलकर होंठों पर लगाने से होंठ नर्म और गुलाबी बन जायेंगे 
 । सौंदर्य विशेषज्ञों का मानना है कि नारियल तेल, आॅर्गन तेल पर आधारित होठों के वाम, तथा लिपिस्टिक के प्रयोग से होठों को फटने से बचाया जा सकता है। यह ध्यान रखें की ऑइंटमेंट आधारित लिप बाम का प्रयोग करें जिसमे  ग्लिसरीन ,पेट्रोलियम जेली ,सुगन्धित तेल  शामिल हों   ताकि मॉइस्चर को रोका जा सके /    हमेशा कपूर , युकलिप्टुस या  मेंथोल आधारित लिप बाम से परहेज करें क्योंकि इससे आपको होंठ ज्यादा शुष्क हो सकते हैं / इस मौसम में होंठों पर प्रकृतिक रंग , डाई  या मोम से पालिश सौन्दर्य उत्पादों  से परहेज करें अन्यथा आपको एलर्जी या जलन महसूस हो सकती है /
अपने होठों पर साबुन या पाउडर के प्रयोग से परहेज कीजिए तथा होठों पर  विटामिन  ई  युक्त  लिप बाम  का उपयोग कीजिए। होठों पर बादाम तेल या क्रीम लगाकर इसे रात्रि में लगा रहने दें। लिपस्टिक क्लीजिंग क्रीम या जैल से हटाइए।  सर्दियों में अपने होठों को जीभ से कतई मत चाटिए। इससे होठों में शुष्कता आने से फटने की सम्भावनायें बढ़ जाती है।  सर्दियों में होंठों को हम बार बार चाटते हैं जिसकी बजह से होंठों  की   नमी खतम हो जाती है / जब भी आप होंठों पर स्लाइवा लगते हैं तो यह आपके होंठों की नमी खतम कर देता है /
होठों की कद्र करने से होठों की सुन्दरता बढ़ती है। सर्दियों में चेहरे को धोने के बाद होठों को मुलायम तौलिये से हल्के से पौंछना चाहिए ताकि मृत कोशिकाओं को हटाया जा सके। रात्रि को आप प्रतिदिन एक घंटा तक होठों पर मलाई लगा कर रख सकते है तथा यदि इससे होठों का रंग काला पड़ जाता है तो मलाई में नीबूं जूस की कुछ बंूदे शामिल कर लीजिए। रात्रि में शुद्ध बादाम तेल तथा आॅर्गन तेल होठों की त्वचा को पौष्टिकता प्रदान करने में अहम भूमिका अदा करते है। आॅर्गन आयल को मुख्यतः खाद्य तेल तथा त्वचा एवं खोपड़ी की समस्या से जूझने के लिए उपयोग किया जाता रहा है। आर्गन आयल अनसैचूरेटड फैटी एसिड से भरपूर होता है तथा इससे माइस्चराइड क्रीम, लोशन, फेश पैक तथा हेयर आॅयल जैसे सौन्दर्य प्रसाधनों में प्रयोग किया जाता है। यह त्वचा की लचकीलेपन जैसे  गुणों को बनाए रखकर त्वचा में नवयौवनता का संचार करके बुढ़ापे के लक्ष्णों को रोकता है। इससे त्वचा में शीघ्रता से समा जाने के गुणों से यह होठों के लिए अति उत्तम माना जाता है। आर्गन आयल की बूंदों को आप सीधे होठों पर मालिश कर सकते है। नारियल तेल को पोषक तथा नमी बनाए रखने के गुणों से भरपूर माना जाता है। यह त्वचा को मुलायम तथा कोमल बनाता है। इसे होठों पर लगाने से सूर्य की अल्ट्रा वायलेट किरणों के नुकसान को रोका जा सकता है तथा यह त्वचा की क्रीम से बेहतर सुरक्षा कवच प्रदान करता है। 
नारियल तेल को त्वचा मुख्यतः चेहरे के मेकअप को हटाने में प्रयोग किया जा सकता है। नारियल तेल को सौंदर्य प्रसाधन तथा खाद्य तेल दोनों प्रकार से पूरी तरह सुरक्षित रूप से प्रयोग किया जा सकता है, क्योंकि अन्य सौंदर्य प्रसाधनों के मुकाबले इसमें कोई भी सिंथेटिक संघटक विद्यमान नहीं होते तथा अन्य तेलों की उपेक्षा नारियल तेल से कभी दुर्गन्ध भी नहीं आती, नारियल तेल तथा आॅर्गन तेल आधारित होंठ बाम तथा होंठ क्रीम सर्दियों में होठों के सौंदर्य में प्रयोग की जा सकती है। 
  सर्दी के मौसम में नमी की कमी के इलावा शरीर में पोषाहार तत्वों की कमी की वजह से भी होंठ फट जाते है। शरीर में विटामिन-ए, सी तथा बी-2 की कमी से कई बार होठों में दरारे आ जाती है तथा खून बहना शुरू हो जाता है।  सर्दियों में अगर आपके होंठ लगातार फट रहे है तथा सामान्य घरेलू उपचारों द्वारा राहत नहीं मिल रही है तो आप बाहरी सौन्दर्य प्रसाधनों की बजाय अपने खान-पान पर ज्यादा ध्यान दीजिए। आप खट्टे फल, पका पपीता, टमाटर, हरी पत्तों वाली सब्जियां, गाजर, जैई तथा दूध वाले पदार्थो को जरूर शामिल कीजिए, लेकिन यदि आप डायबिटिज या उच्च रक्तचाप की समस्या से भी जूझ रहे हैं तो अपने डाईट में बदलाव से पहले डाक्टर से जरूर सलाह मशवरा कर लीजिए।