पटना । भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने लौरिया में जनसभा को संबोधित कर विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। नड्डा ने कहा, जंगल राज के राजकुमार बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता थे, फिर भी उन्होंने एक बार भी विधानसभा में भाग नहीं लिया। इसकारण उन्हें आराम करने दें और नीतीश को फिर से मौका दे। जेपी नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव दोनों दिल्ली में कोरोना महामारी के दौरान बैठे थे क्योंकि वे कोरोना से डर गए थे। और अब वे पूछते हैं कि कोरोना के दौरान बिहार में क्या हुआ था? नड्डा ने कहा कि महामारी के दौरान केवल सीएम नीतीश कुमार और भाजपा कार्यकर्ताओं ने बिहार की जनता का ध्यान रखा।
बिहार विधानसभा के दूसरे चरण के लिए मंगलवार को वोटिंग हुई। दूसरे चरण में प्रदेश के 17 जिलों की 94 विधानसभा सीटों पर शाम 6 बजे तक 54.05 फीसदी मतदान हुआ। लेकिन खास बात यह है कि साल 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में कई सीटों पर अपने रिश्तेदार ही एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में हैं। कहीं पर भाई-भाई के खिलाफ चुनाव लड़ रहा है, वहीं कहीं पर सास-बहू आमने-सामने हैं। इसकारण इसबार का बिहार विधानसभा चुनाव बहुत ही दिलचस्प हो गया है। 
अगर अररिया जिला में स्थित जोकीहाट विधानसभा की बात करें,तब यहां पर दो सगे भाई एक-दूसरे के खिलाफ ताल ठोक रहे हैं। इससे चुनाव बहुत ही दिलचस्प हो गया है। कभी सीमांचल के कद्दावर नेता रहे स्व. सांसद तस्लीमुद्दीन के दोनों बेटे विधायक बनने के लिए आमने सामने हैं। यहां आरजेडी ने तस्लीमुद्दीन के बड़े बेटे और पूर्व सांसद सरफराज आलम को टिकट दिया है। वहीं, सरफराज आलम के छोटे भाई मो. शाहनवाज ओवैसी की एआईएमआईएम पार्टी से मैदान में हैं। हालांकि, वर्तमान में वहां राजद से विधायक हैं। इसके बाद दोनों भाइयों के आमने-सामने आने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है। इसी तरह ढ़ौरा विधानसभा क्षेत्र के चुनाव मैदान में चाचा-भतीजा आमने सामने हैं। आरजेडी के प्रत्याशी चाचा जयराम राय के खिलाफ उनके ही भतीजे आनंद राय निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं।