बंगलौर, कर्नाटक की भाजपा सरकार में कैबिनेट विस्तार के बाद से ही मचने वाला बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. येदियुरप्पा ने कैबिनेट में विस्तार किया तो उन्हीं की पार्टी के विधायकों ने उन पर पैसे लेने और ब्लैकमेलिंग के डर से मंत्री पद बांटने का आरोप लगाते हुए बगावत कर दी है.
शनिवार के दिन कर्नाटक बीजेपी के विधायक बसनगौड़ा यतनाल ने अब मुख्यमंत्री येदियुरप्पा को पत्र लिखा है. विधायक बसनगौड़ा ने पत्र में लिखा है, 'मुझे पता चला है कि आपने मेरी सिक्युरिटी वापस ले ली है,जो मुझे सांप्रदायिक ताकतों द्वारा दी गई धमकियों के बाद मिली थी.''
विधायक बसनगौड़ा यतनाल ने आगे कहा है कि 'ये एक निम्नस्तर की राजनीति का नूमना है, ये बदले की राजनीति है क्योंकि मैंने आपके (येदियुरप्पा) खिलाफ आवाज उठाई.''
बसनगौड़ा यतनाल ने अपने पत्र में आगे लिखा है कि 'अगर मुझे कुछ भी होता है तो इसके लिए आप और आपकी सरकार जिम्मेदार होगी. मैं आपकी राजनीति के तरीके और बदले की राजनीति का विरोध करता रहूंगा.''
आपको बता दें कि बीते शुक्रवार को कर्नाटक के ही एक दूसरे विधायक M.P. रेणुकाचार्य भी येदियुरप्पा की शिकायत पार्टी हाईकमान से करने के लिए दिल्ली पहुंचे थे, जहां उन्होंने कर्नाटक सरकार में बनाए गए नए मंत्रियों और मुख्यमंत्री येदियुरप्पा को लेकर भाजपा के उच्चस्तरीय नेतृत्व से शिकायत की. रेणुकाचार्य ने कर्नाटक सरकार के कैबिनेट विस्तार पर कहा था कि 'एक ऐसा आदमी जो B.S येदियुरप्पा सरकार बनाने के खिलाफ गया था, आज उसे ही मंत्री बना दिया गया है.'
बीजेपी के कुछ विधायक तब से ही खुलेआम बगावत पर उतर आए हैं जबसे येदियुरप्पा ने अपनी कैबिनेट में कुछ नए लोगों को जगह दी है. बगावत करते हुए विधायक बसनगौड़ा यतनाल ने बीएस येदियुरप्पा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि येदियुरप्पा को राजनीति से संन्यास ले लेना चाहिए. जो भी उन्हें (येदियुरप्पा) पैसे देता है या ब्लैकमेल करता है उन्हें मंत्री बना दिया जाता है.'' बसनगौड़ा ने बीएस येदियुरप्पा पर एक गंभीर आरोप लगाते हुए ये भी कहा था कि मुख्यमंत्री को एक सीडी के जरिए ब्लैकमेल किया गया है.''