कोटा. कोटा (Kota) के जेके लोन अस्पताल (JK Lone Hospital) में नवजात बच्चों की मौत का मामला शांत होते नहीं दिख रहा है. बीजेपी नेताओं द्वारा जेके लोन अस्पताल का दौरा करने के बाद अब भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने भी अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. भाजयुमो की कार्यकर्तोओं ने मंगलवार को रैली निकालकर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान सड़कों पर भारी भीड़ उमड़ गई. वहीं, भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु शर्मा (Himanshu Sharma) ने कहा कि जेके लोन में बच्चों की मौत मामले में अस्पताल प्रशासन जिम्मेदार है. लेकिन, सरकार ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है.

उन्होंने कहा कि सरकार कार्रवाई करने के बजाए उल्टा अधिकारियों को बचा रही है. जबकि अस्पताल की व्यवस्थाएं सुधर नहीं रही हैं. अस्पताल के कई उपकरण पिछले कई महीनों से खराब पड़े हैं. वहीं, कर्मचारियों की भी कमी है. उन्होंने कहा कि अस्पताल में बच्चों की मौत किन कारणों से हुई, सरकार इसके बारे में अभी पता भी नहीं लगा पाई है. हिमांशु शर्मा ने गहलोत सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो कार्यकर्ता उग्र आंदोलन करेंगे. कांग्रेस द्वारा बच्चों की मौत पर राजनीति करने के आरोप का जवाब देते हुए हिमांशु शर्मा ने कहा कि बच्चों की मौत पर सवाल उठाने पर राजनीति करने की बात कहने वालो की विकृत मानसिकता है.

अभी तक कुल 927 बच्चों की मौत हो चुकी है

वहीं, राज्य मानव अधिकार आयोग की टीम ने सोमवार को बच्चों की मौत मामले में जायजा लेने के लिए जेके लोन अस्पताल का दौरा किया. टीम ने अस्पताल प्रशासन से अब तक हुई बच्चों की मौत की रिपोर्ट मांगी है. टीम में आयोग के सचिव बीएल मीणा, रजिस्ट्रार ओपी पुरोहित शामिल थे. दोनों ने अस्पताल की नियो नेटल इंसेंटिव केयर यूनिट, एफबीएनसी, पीआईसीयू और सामान्य वार्ड की विजिट भी की. बता दें कि जे के लॉन अस्पताल में 10 दिसंबर से अब तक 19 बच्चों की मौत हुई है. दिसंबर 2020 में अब तक 40 बच्चों की मौत हो चुकी है. पूरे साल आंकड़ा के अनुसार यहां अस्पताल में अभी तक कुल 927 बच्चों की मौत हो चुकी है.