अहमदाबाद | मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने रविवार को मेक इन इंडिया विजन के तहत सूरत के हजीरा स्थित लार्सन एंड टूब्रो (एल एंड टी) कंपनी में तैयार 91वें के-9 वज्र तोप (टैंक) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने वज्र तोप की आरती उतारकर परंपरागत तरीके से पूजा-अर्चना की और टैंक पर सवार होकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। गुजरात की साहसिक भूमि पर आत्मनिर्भर भारत अभियान को साकार कर अभेद्य किले जैसे वज्र टैंक का उत्पादन करने पर मुख्यमंत्री ने एलएंडटी कंपनी को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसे अभियान शुरू करने का अनूठा दृष्टिकोण अपनाते हुए देश की जनता में नए जोश और उत्साह का संचार किया है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में एलएंडटी कंपनी ने इंजीनियरिंग के क्षेत्र में असंभव लगने वाले कार्यों को संभव बनाकर देश का गौरव बढ़ाय है। रक्षा उपकरणों को पहले विदेशों से आयात करना पड़ता था। लेकिन अब रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के मार्फत संशोधन कर देश में ही उपकरणों के निर्माण की दिशा में सरकार ने प्रयास शुरू किए हैं। रूपाणी ने कहा कि सैन्य साजो-सामान का भारत में निर्माण शुरू कर कंपनी ने श्रेष्ठता का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया है। इसी कंपनी ने गुजरात में दुनिया की सबसे ऊंची ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ बनाने का बीड़ा उठाकर अपनी उच्च इंजीनियरिंग क्षमता को साबित किया है। उसी तरह मोटेरा स्टेडियम जैसे अनूठे प्रोजेक्ट समेत अनेक पुल, रेल और पाइपलाइन के निर्माण जैसे विकास कार्यों में योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृत की प्रसिद्ध कहावत ‘वज्रादपि कठोराणि मृदूनि कुसुमादपि’ यानी वज्र से कठोर और पुष्प से कोमल को लार्सन एंड टूब्रो कंपनी ने सही मायनों में चरितार्थ किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि वज्र टैंक दुश्मनों के दांत खट्टे करने में सक्षम होगा। उन्होंने कहा कि लेटेस्ट तकनीक युक्त हथियार हमारे देश में बनाने की दिशा हमारी सरकार कार्यरत है। आने वाले समय में गुजरात में डिफेंस मैन्यूफेक्चरिंग की दिशा में राज्य सरकार प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि भारत के कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का 52 फीसदी हिस्सा हासिल कर गुजरात देश में अव्वल स्थान पर है। कोई भी कंपनी दीर्घकालिक पूंजीनिवेश कर सके इसलिए गुजरात ने डिफेंस और सोलर पॉलिसी जैसी हरेक क्षेत्र के लिए नीतियां बनाकर उसका लाभ सभी को मुहैया कराने की दिशा में कार्य किया है। उन्होंने कहा कि हैवी इंडस्ट्रीज यानी भारी उद्योगों को पानी, ऊर्जा और जमीन सहित अन्य सुविधाएं तेजी से उपलब्ध कराने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम अपनाया है जिससे गुजरात निवेश का श्रेष्ठ गंतव्य बना है। 
इस मौके पर हजीरा एलएंडटी कंपनी के निदेशक जयंत पाटिल ने कहा कि एलएंडटी कंपनी ने के-9 वज्र टैंक प्रोजेक्ट का सबसे पहला टैंक बनाया है जिसकी मजबूती का दुनिया के किसी देश के पास जवाब नहीं है। इस टैंक को बनाने में केवल 12 से 15 फीसदी स्पेयर पार्ट्स विदेश से आयात किए जाते हैं। आगामी फरवरी महीने के अंत तक 100 से अधिक टैंक की डिलीवरी करने का लक्ष्य है। हजीरा स्थित एलएंडटी कंपनी के प्लांट प्रमुख योगेश त्रिवेदी ने कहा कि कंपनी पिछले 37 वर्षों से कार्यरत है। वर्ष 1987 में मैन्यूफेक्चरिंग क्षेत्र में शुरुआत के साथ चरणबद्ध ढंग से आज 750 एकड़ क्षेत्र में विकसित होकर दुनिया की ‘अनबिलिवेबल’ कंपनी बनी है। फिलहाल कंपनी में 17 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं। अमरीका और कनाडा जैसे बड़े देशों में उपयोग में लिए जाने वाले पेट्रोल और डीजल के रिएक्टर यहां निर्मित होते हैं। कंपनी के कर्मचारियों को कई स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं।