प्रयागराज । मकर संक्रांति के पवन पर्व पर गंगा-यमुना और अदृश्य सरस्वती की त्रिवेणी पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। ब्रह्म मुहूर्त से अब तक लाखों श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई है। कड़ाके की ठंड पर लोगों की आस्था भारी पड़ रही है। संगम तट की ओर श्रद्धालुओं का रेला चला आ रहा है। लोग संगम में आस्था की डुबकी लगाकर दान पुण्य कर रहे हैं। मकर संक्रांति के पर्व पर खिचड़ी और गुड़ व तिल के दान का विशेष महत्व है, क्योंकि आज से भगवान भास्कर भी मकर राशि में प्रवेश कर उत्तरायण हो जाते हैं। इसलिए आज से अच्छे दिन की शुरुआत होती है और मांगलिक कार्य भी प्रारंभ कर दिए जाते हैं।
 कोविड-19 संक्रमण काल में आयोजित हो रहे माघ मेले में प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्था की गई है। अदनान आढ़तियों के लिए सामाजिक संस्थाओं द्वारा भी जगह जगह भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। माघ मेले में कोविड लाइन का भी पालन कराया जा रहा है। इस बार 640 हेक्टेयर में 5 सेक्टरों में बसाया गया है माघ मेला। कोविड के चलते स्नान घाटों का विस्तार किया गया है। स्नान घाटों पर डीप वाटर बैरिकेडिंग और जल पुलिस की तैनाती की गई है। माघ मेले में 16 एंट्री पॉइंट बनाए गए हैं। सभी एंट्री पॉइंट पर सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कोविड गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य बनाया गया है। मेले में 13 थाने 38 चौकियां और 13 फायर स्टेशन बनाए गए हैं। 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी हो रही है। मेले में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और जल पुलिस की तैनाती की गई है। मेले की सुरक्षा में एटीएस, बीडीएस एसटीएफ,आईबी, एलआईयू के साथ खुफिया एजेंसियां भी तैनात हैं।