भीलवाड़ा. अयोध्या में बनने वाले श्री राम मंदिर के लिए राजस्थान के दानदाता पीछे नहीं हैं. शनिवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र निधि समर्पण अभियान के तहत भीलवाड़ा के विवेक जी सुखवाल पुत्र देवेंद्र जी सुखवाल ने एक करोड़ ग्यारह लाख ग्यारह हजार एक सौ ग्यारह (11111111 रुपए ) रुपए की निधि का समर्पण किया है. उसी के साथ नाम नहीं बताने की शर्त पर एक अन्य दानदाता ने 1100000/- ग्यारह लाख रुपए की निधि मंदिर निर्माण के लिए समर्पित की.

इस मौके पर पूज्य महामंडलेश्वर हंसराम जी उदासीन ने दानदाताओं का दुपट्टा रुद्राक्ष और शाल ओढ़ाकर सम्मान किया. उन्होंने कहा सेवा करने से मन को शांति मिलती है और जो हम सेवा कर रहे हैं इससे हम अयोध्या धाम को अपने साथ जोड़ते हैं. आप अपने को प्रभु से जोड़कर जीवन धन्य कर रहे हैं. राम ही पालनहार हैं, राम ही सर्जन हार हैं, राम देश को जोड़ते हैं.

इस अवसर पर अनेक दानदाताओं का भी सम्मान किया गया और कार्यक्रम के वक्ता के रूप में प्रांत सह अभियान प्रमुख रवीन्द्र कुमार जाजू ने बताया कि सैकड़ों वर्ष के बाद श्री राम मंदिर का निर्माण हो रहा है. इस मंदिर के निर्माण में पूरे विश्व की सात्विक शक्तियों की भावना और निधि लग रही है. इस मंदिर के निर्माण से देश की सांस्कृतिक एकता मजबूत होगी और विश्व भर में अयोध्या एक सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित होगा. राम प्रजा वत्सल नारी सम्मान के प्रतीक आसुरी शक्तियों के दमन कर्ता न्याय पालक और प्राणी मात्र के प्रति दया और करुणा के प्रतीक है.

आज के समय में जब सत्ता के संघर्ष के लिए लोग आपस में संघर्ष कर रहे हैं, ऐसे में भगवान श्रीराम का आदर्श सामने रखना चाहिए और लंका विजय के पश्चात भी लंका का राज्य है. श्री विभीषण को छोड़कर आना इस बात का प्रतीक है. जननी जन्मभूमि स्वर्गादपि गरीयसी कार्यक्रम में शांति लाल जी गुर्जर जिन्होंने 301001 की राशि बसंती लाल जी जायसवाल ने 1 लाख 1000 शिवरतन जी बुबना, बाबूलाल जी आचार्य ने एक लाख एक हजार की, अशोक गर्ग ने 25111 राशि समर्पित की.