लखनऊ । बजट सत्र शुरू होने से पहले उप्र विधानसभा के सामने समाजवादी पार्टी ने ट्रैक्टर के साथ प्रदर्शन किया। हाथों में गन्ने लेकर ट्रैक्टर से आए नेताओं को देख सुरक्षाकर्मियों ने विधानभवन के गेट बंद कर लिए तो नेता गेट पर चढ़कर नारेबाजी करने लगे। सपा विधायकों ने सरकार पर विधानभवन का गेट बंद कराकर विपक्ष का सामना करने से बचने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार लोकतंत्र का गला घोंट रही है। अपनी मनमानी पर उतारू है। 
गुरुवार को बजट सत्र की शुरुआत होनी थी। जिसके चलते सपा नेताओं के तेवर को देखकर बजट सत्र के काफी हंगामेदार होने के आसार थे। सपा विधायकों ने आरोप लगाया कि उन्हें देखते ही सुरक्षाकर्मियों ने विधानभवन का गेट बंद कर दिया। विधायकों ने कहा कि दुनिया में कहीं भी किसानों के ऊपर इतने हमले नहीं हुए हैं। लगता ही नहीं है कि देश में लोकतंत्र हैं। अंग्रेजी हुकूमत के समय से भी खराब स्थिति हो गई है। अपने ही देश में किसान बेगाना महसूस कर रहा है। विधायकों ने कहा कि सरकार किसानों से डर गई है। जिलों में सपा विधायकों के आवास पर पुलिस लगा दी गई है। सरकार विधानसभा से भागना चाहती है। विधायकों ने कहा कि हम लोग विधानभवन जाना चाहते हैं लेकिन भाजपा सरकार गेट में ताला लगा रही है। जैसे किसानों को दिल्ली में रोक दिया। वैसे ही हम किसान के बेटों को यहां रोका जा रहा है। सुरक्षाकर्मियों से काफी देर तक जूझने और नारेबाजी करने के बाद सपा विधायक चैधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास पहुंचे और धरने पर बैठ गए। 
समाजवादी पार्टी के विधायक तथा विधान परिषद सदस्यों के बाद कांग्रेस के नेता भी विधान भवन प्रांगण में योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। नेता विधानमंडल दल अराधना मिश्रा मोना के साथ विधान परिषद सदस्य दीपक सिंह ने भी मंहगाई, कृषि कानून तथा उत्तर प्रदेश की खराब कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बढ़ती महंगाई, बढ़ते अपराध, कृषि कानून, पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम व अन्य कई मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन किया।