हिन्दू राष्ट्र शक्ति के संस्थापक श्री पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने कहा हमारा संगठन हिन्दू राष्ट्र शक्ति का संबंध किसी राजनैतिक दल से नहीं है


इंदौर। हमारा हिन्दू समाज बड़ा वैष्णवी, उदारवादी और अहिंसक है, जो न कभी  धर्मान्तरण करता है और न ही किसी पर हथियार उठाता है। इसके बावजूद उसी के देश में हिन्दुओं के साथ अत्याचार हो रहे हैं। वर्ष 2014 से लेकर 2019 की अवधि में 183 हिन्दू मॉबलिचिंग में मारे गए। लेकिन कहीं भी इस पर चर्चा नहीं होती। मप्र सरकार ने 2009 में गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित कर एक अच्छा कार्य किया। जिसके चलते विद्यालयों में गीता सार पढ़ाया जाता है। केरल में स्थित सबरीमाला मंदिर में सभी को प्रवेश का अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट ने श्रीराम मंदिर पर तो अपना  फैसला सुना दिया। बेहतर होता कि वह काशी विश्वनाथ मंदिर और मथुरा में स्थित कृष्ण जन्मभूमि विवाद का भी निपटारा कर देती। यह विचार हिन्दू राष्ट्र शक्ति के संस्थापक और मुख्य संरक्षक हिन्दूवादी नेता श्री पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ के हैं, जो उन्होंने शाम को निजी होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहे। इस मौके पर संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष मृत्युंजय सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित थे। श्री कुलश्रेष्ठ ने कहा कि भारत में मात्र दो प्रतिशत सिख हैं, 3 प्रतिशत बौद्ध हैं, जबकि 22 फीसदी मुस्लिम हैं। ऐसे में मुस्लिमों को अल्पसंख्यक कहना ठीक नहीं है। अत: उनसे अल्पसंख्यक का दर्जा वापस लिया जाए। पूर्ववर्ती सरकारों ने मुस्लिमों के लिए आयोग तक बना दिया और एक मंत्रालय का भी गठन कर दिया। इसे भी समाप्त करने की जरूरत है। हमारे यहां अन्नदाता (किसान) और मतदाताओं पर तो चर्चा होती है, लेकिन कर दाताओं पर नहीं। जबकि देश को चलाने में करदाताओं का बहुत बड़ा योगदान है।
श्री कुलश्रेष्ठ ने आगे कहा कि  हमारा देश भारतीय पंचांग से ही चलता रहा। शक और संवत् दोनों ही बहुत पुराने हैं। जबकि ईस्वी सन् की शुरूआत एक पैगम्बर के पैदा होने के बाद से शुरू हुई। अत: शक संवत् के अनुसार ही देश को चलना चाहिए, क्योंकि ये वैज्ञानिक दृष्टि से भी सही है। श्री कुलश्रेष्ठ ने आगे कहा कि सरकार संविधान से चलती है और हमारे संविधान में कई ऐसी खामियां हैं जिसे दूर करने की आवश्यकता है। देश की संसद में राष्ट्र गीत वंदे मातरम का गान होना चाहिए। क्योंकि इसमें हमारे अखंड भारत के दर्शन होते हैं। जबकि देश का विखंडन 1947 में हो चुका है। इसे कुछ लोग भले ही आजाद भारत का नाम दें, लेकिन राष्ट्र को अखंड करने की  जवाबदारी हम सबकी है।
श्री कुलश्रेष्ठ ने आगे कहा कि हमारा संगठन हिन्दू राष्ट्र शक्ति का संबंध किसी राजनैतिक दल से नहीं है और न ही वह चुनाव लड़ता है। संगठन का काम हिन्दू समाज को जाग्रत करना और पूर्ववर्ती सरकारों ने जो गलतियां की हैं, उसे सुधारना।