पटना । बिहार में जदयू की राज्य परिषद की दो दिवसीय बैठक के अंतिम दिन वशिष्ठ नारायण सिंह ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दे दिया। अपने इस्तीफे को लेकर वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि बिहार में किसी भी दो व्यक्ति (नीतीश कुमार और वशिष्ठ नारायण सिंह) के बीच इतने लंबे समय तक राजनीतिक रिश्ता नहीं रहा। पिछले कुछ महीनों से शारीरिक रूप से सक्रियता नहीं रही। लंबी यात्राएं नहीं कर सकता हूं। बहुत दिनों से सोच रहा था और आखिर में पद छोड़ने का फैसला किया।   अपने इस्तीफे के साथ उन्होंने उमेश कुशवाहा को प्रदेश अध्यक्ष पद देने के लिए उनके नाम का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया गया। इसके बाद उमेश कुशवाहा जदयू के प्रदेश अध्यक्ष चुने गए। उमेश कुशवाहा बिहार के वैशाली जिले के महनार विधानसभा के पूर्व विधायक हैं और वैशाली के ही कैरी बुजुर्ग गांव के रहनेवाले हैं। वह 2015 से 2020 तक विधायक रहे हैं, लेकिन इस बार के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। आरजेडी के टिकट पर चुनाव लड़ने वाली बीना सिंह ने जेडीयू के उमेश सिंह कुशवाहा को हरा दिया। इससे पहले चर्चा थी कि बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और विधायक रामसेवक सिंह जदयू के प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाएंगे। ऐसा माना जा रहा था कि कुशवाहा समाज के वोटर्स को साधने के लिए यह फैसला किया जाना था। वैसे तो फैसला इस नजरिए से किया गया है, लेकिन रामसेवक की जगह जदयू ने उमेश कुशवाहा पर भरोसा जताया गया।