तेलंगाना की बाबुरी सिरिशा बनीं पहली लाइन वुमन, वे ये साबित करना चाहती हैं कि महिलाएं कोई भी काम करने में पुरुषों से कम नहीं हैं

तेलंगाना के बिजली विभाग में लाइनमैन की पोस्ट के लिए जो भर्ती निकाली गई थी उसमें महिलाओं को वर्जित लिखा गया था। लेकिन सिरिशा ने अन्य महिलाओं के साथ मिलकर इस बैन का विरोध किया। उन्होंने ये कहा कि जो काम लड़के कर सकते हैं, उसे मेरी तरह लड़कियां क्यों नहीं कर सकतीं। सिरिशा ने ट्रेड में आईटीआई की पढ़ाई पूरी की है।

आखिर सिरिशा की जीत हुई और उसके साथ आठ और लड़कियों ने इस पोस्ट के लिए अप्लाय किया। उनमें से सिरिशा ने ये परीक्षा पास की। इसके साथ ही उसने बिजली के खंभे पर चढ़ने की परीक्षा भी पास की। इस साहसी लड़की ने खंभे पर चढ़ने और फिर उतरने में एक मिनट से भी कम समय लिया। सिरिशा को तेलंगाना की पहली लाइन वुमन बनने का सम्मान मिला है।

सिरिशा की उम्र 20 साल है। वे सिद्दीपट्‌ट राज्य के मारकूक मंडल में गणेशपल्ली गांव की निवासी हैं। सिरिशा का कहना है कि एक लाइन वुमन के तौर पर उन्हें कड़ी मेहनत करना होती है। वे अपने काम के बल पर ये बताना चाहती हैं कि महिलाएं किसी भी काम में पुरुषों से कम नहीं हैं।